Monday, 5 November 2018

मां बनने के बाद पहली बार बच्चे के साथ नजर आई सानिया मिर्जा, दिल जीत लेंगी तस्वीरें

सानिया मिर्जा
भारतीय टेनिस सनसनी सानिया मिर्जा और पाकिस्तान के अनुभवी बल्लेबाज शोएब मलिक हाल ही में माता-पिता बने। सानिया ने 29 नवबंर यानी बीते मंगलवार को एक स्वस्थ्य शिशु को जन्म दिया।
जिसके बाद दोनों ही देशों में जबरदस्त उत्साह का माहौल देखा गया। अब मां बनने के बाद सानिया पहली बार अपने बेटे के साथ नजर आईं।
फोटो अस्पताल की हैं। जहां साहबजादे इजहान अपनी मां सानिया की गोद में आराम फरमाते नजर आ रहे हैं। तस्वीर उस दौरान की है जब भारतीय टेनिस सुपरस्टार अस्पताल से घर जा रही हैं।
गर्भावस्था के दौरान समय-समय पर सानिया के मां बनने की अफवाहें जोर पकड़ती रहती थी। मगर बीते मंगलवार को जब इस खिलाड़ी दंपति के घर किलकालियां गूंजी तो खुद शोएब मलिक ने ट्वीट कर फैंस से इस खुशखबरी को साझा किया।
पिता शोएब ने लिखा था, ‘बहुत उत्सुकता के साथ बता रहा हूं, बेटा हुआ है। मेरी प्यारी बहुत अच्छी है और हमेशा की तरह स्ट्रॉन्ग है।
तस्वीरों में बेहद खुश नजर आ रही सानिया जल्द ही कोर्ट में वापसी करने की चाहत भी रखती हैं। उन्होंने कहा कि वह 2020 के टोक्यो ओलंपिक्स में खेलने का प्लान कर रही हैं’।
गर्भवती होने के बाद कोर्ट से दूरी बना चुकी सानिया अक्सर सुर्खियां बनती रहती थी। कभी बेबी बंप के साथ उनकी फोटो वायरल होती थी तो कभी हसबैंड शोएब मलिक के साथ कहीं बाहर स्पॉट की जाती थीं।
सानिया मिर्जा
सानिया की गोदभराई की तस्वीरों ने भी इंटरनेट पर आग लगी दी थी। मातृत्व सुख का अहसास और इस दौरान पति का साथ हर बार उनके चेहरे पर मुस्कुराहट के रूप में झलकता था।
याद हो कि साल 2010 में सानिया ने पाकिस्तानी क्रिकेटर शोएब मलिक से शादी की थी। सानिया और शोएब ने टेनिस खिलाड़ी के प्रेग्नेंट होने की खबर 23 अप्रैल 2018 को सोशल मीडिया पर साझा की थी।
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धनतेरस 2018 : 5 नवंबर को इस विधि से करें भगवान धन्वंतरि की पूजा, मिलेगा 13 गुना फल

धनतेरस इस साल 05 नवंबर, दिन सोमवार, तिथि त्रयोदशी (धन त्रयोदशी ) को धन्वंतरि जयंती मनाई जाएगी। संयोग से इसी सोमवार के दिन हस्त नक्षत्र भी पड़ रहा है। हस्त नक्षत्र के स्वामी स्वयं चन्द्रमा हैं और सोमवार दिन पर भी चन्द्रमा का अधिपत्य है। यह अत्यंत सुखद संयोग है क्योंकि इसी दिन सोम प्रदोष व्रत भी है, अतः महादेव की कृपा हर तरह से बानी रहेगी।
धनतेरस
धनतेरस के दिन घर में कुछ नई वस्तु खरीद कर ले आने का महात्मय है। जिसमें मुख्य रूप से लोग सोने-चांदी से बनी वस्तुएं या फिर कोई भी उपयोग की वस्तु खरीदकर घर लाते हैं। मान्यता है कि इस दिन इन वस्तुओं को खरीदने से मां लक्ष्मी की कृपा पूरे साल बनी रहती है।
धनतेरस का शुभ मुहूर्त
इस साल धनतेरस पर रात्रि 08 :37 मिनट तक हस्त नक्षत्र रहेगा। ऐसे में इस समय के भीतर ही खरीददारी करने का प्रयास करें। इस दिन खरीददारी के लिए तीन अति शुभ समय है।
07 :42 बजे से 10 :02 बजे तक वृश्चिक लग्न
13 :47 बजे से 15 :12 बजे तक कुम्भ लग्न
18 :07 बजे से 20 :01 बजे तक वृषभ लग्न
यह तीनो ही लग्न शुभ और स्थिर माने जाते हैं। इस समयावधि में की गयी खरीदारी स्थिरता प्रदान करती है और जीवन में शुभता देती है।
सोना-चांदी खरीदने का शुभ समय
सोना-चांदी या फिर आभूषण आदि खरीदने के लिए संध्या का समय और वृषभ लगन 18 :07 से 20 :01 बजे तक का समय सबसे शुभ है।
जमीन-मकान खरीदने का शुभ समय
जमीन, मकान, वाहन खरीदने के लिय कुम्भ लग्न 13:47 बजे से 15 :12 बजे तक का समय उचित है।
अन्य चीजों के लिए शुभ समय
बैंक, म्युच्युअल फंड या शेयर बॉन्ड सजावटी सामान इलेक्ट्रिक या इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदने का शुभ समय वृश्चिक लग्न में 07 :42 बजे से 10 :02 बजे तक है।
इस विधि से करें भगवान धन्वंतरि की पूजा
धनतेरस के दिन भगवान धन्वंतरि और कुबेर की पूजा विशेष तौर पर की जाती है। इस पूजा के लिए सबसे पहले मिट्टी का छोटा सा हाथी लेकर उसको तिलक करें और एक चौमुख दिया प्रज्जवलित करें। साथ ही भगवान धन्वंतरि तथा भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए दीपक दिखाएं।
इसके पश्चात जो भी नया सामान खरीदकर लाए हैं, उस पर अक्षत रखें और पान के पत्ते पर कुमकुम से स्वास्तिक बना कर एक सुपारी रख कर गणपति महाराज की पूजा करें। लक्ष्मी जी का ध्यान करके पान का पत्ता उठा कर अपने तिजोरी में रख लें। इस उपाय से वर्ष भर भगवान कुबेर और भगवान धन्वंतरि की कृपा आप पर बनी रहेगी। इसके पश्चात् बच्चों में मिठाई जरूर बांटे। साथ ही मुख्य द्वार पर, रसोई में, ब्रह्म स्थान और घर के सभी दरवाजों के दाहिनी ओर एक—एक दीपक जरूर प्रज्जवलित करें।
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
– धनतेरस के दिन कुछेक बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। मसलन, अगर आपने किसी से कर्ज लिया है तो जितना भी संभव हो सके, उसे लौटा दीजिए।
– धनतेरस के दिन भूलकर भी किसी से कर्ज न लें। साथ ही क्रोध करने से बचें और यदि किसी से कोई नाराजगी है तो उसे इस शुभ दिन जरूर दूर कर लीजिए। कुल मिलाकर यदि कोई आपको मनाने की कोशिश कर रहा है तो मान जाइए और नाराज व्यक्ति को मना लीजिए।
– इस धनतेरस को विष्कुम्भ योग भी बन रहा है, जो कि रात्रि 10 :11 मिनट तक रहेगा। इसलिए इस दिन इसका निदान भी जरूरी है। आज अपने पुरोहित, ब्राह्मण या अपने गुरु को प्रणाम करके उनको वस्त्र और मिठाई जरूर भेंट करें। उनका आशीर्वाद लेने से आप किसी भी प्रकार के अनिष्ट से बचेंगे।
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